नई दिल्ली/पटना: केंद्रीय बजट 2026 के आने के बाद देश के करोड़ों किसानों की निगाहें अब अपनी 22वीं किस्त पर टिकी हैं। जहाँ एक तरफ बजट में योजना के लिए 63,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, वहीं दूसरी तरफ कुछ ऐसे तकनीकी बदलाव और राज्य-विशिष्ट अपडेट्स आए हैं जिन्हें हेडलाइंस में जगह नहीं मिली।
1. बजट का गणित: स्थिरता या संकेत?
सभी समाचार पोर्टलों ने इस बात पर जोर दिया कि सालाना मिलने वाली राशि ₹6,000 ही रहेगी। लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि ₹63,500 करोड़ का आवंटन पिछले वर्ष के मुकाबले मामूली बढ़ोतरी दर्शाता है। यह इशारा करता है कि सरकार योजना में नए लाभार्थियों को जोड़ने (Saturation Drive) पर ध्यान दे रही है, न कि केवल मौजूदा लोगों को पैसा भेजने पर।
2. वह हिस्सा जो न्यूज़ पोर्टल्स ने नहीं बताया: ‘फार्मर रजिस्ट्री’ का जाल
न्यूज़ लेखों में ‘दो काम’ (e-KYC और लैंड वेरिफिकेशन) का जिक्र तो है, लेकिन ‘फार्मर रजिस्ट्री’ (Farmer Registry) की जटिलता को नजरअंदाज किया गया है।
- क्या है Farmer ID?: सरकार अब ‘आधार’ की तर्ज पर हर किसान को एक यूनिक फार्मर आईडी दे रही है। इसके बिना 22वीं किस्त मिलना लगभग असंभव होगा।
- क्यों है जरूरी?: यह आईडी आपके जमीन के रिकॉर्ड (Bhulekh), आधार और बैंक खाते को एक ही डिजिटल सिग्नेचर से जोड़ देगी। बिहार और यूपी जैसे राज्यों में इसके लिए पंचायत स्तर पर शिविर लगाए जा रहे हैं।
3. बिहार का ‘प्लस मॉडल’: ₹6,000 + ₹3,000
जबकि राष्ट्रीय स्तर पर राशि नहीं बढ़ी, बिहार के किसानों के लिए एक बड़ी खबर है जिसे स्थानीय मीडिया के अलावा राष्ट्रीय मीडिया ने गहराई से नहीं कवर किया। ‘जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि’ के तहत अब राज्य के किसानों को कुल ₹9,000 मिलेंगे। यह मॉडल अन्य राज्यों (जैसे महाराष्ट्र की नमो शेतकरी योजना) की तर्ज पर बनाया गया है, जिससे किसानों को प्रति वर्ष ₹3,000 की अतिरिक्त सुरक्षा मिलेगी।
4. 22वीं किस्त: तारीख से ज्यादा ‘स्टेटस’ की चिंता
सर्च डेटा के अनुसार, किसान केवल ‘तारीख’ नहीं ढूंढ रहे, बल्कि “Farmer Registry Status” और “CSC Update” जैसे तकनीकी शब्दों को सर्च कर रहे हैं।
- Missing Link: यदि आपका नाम लिस्ट में है लेकिन ‘फार्मर रजिस्ट्री’ पूरी नहीं है, तो आपका स्टेटस ‘Stop by State’ दिखा सकता है।
- समाधान: किसानों को अपने नजदीकी CSC केंद्र पर जाकर यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका डेटा ‘AgriStack’ पोर्टल पर सिंक हो चुका है।
निष्कर्ष
बजट 2026 केवल पैसों के आवंटन के बारे में नहीं है, बल्कि यह योजना के पूर्ण डिजिटलीकरण का वर्ष है। यदि आप बिहार से हैं, तो आपके लिए खुशी दोगुनी है, लेकिन बाकी सभी के लिए संदेश साफ है—बिना ‘डिजिटल पहचान’ (Farmer ID) के अगली किस्त का इंतजार लंबा हो सकता है।
संपादक की सलाह: अपनी 22वीं किस्त का स्टेटस चेक करने के साथ-साथ यह भी देखें कि आपका ‘Land Seeding’ और ‘Farmer ID’ अपडेटेड है या नहीं।